काव्यशाला पृष्ठ 21 | मातृभाषा - माँ भारती का श्रृंगार | Hindi Poems

कालजयी कविताएँ

हिंदी साहित्य की कालजयी कविताओं का संकलन





गोपालदास ‘नीरज’

अब तुम्हारा प्यार भी मुझको नहीं स्वीकार

गोपालदास ‘नीरज’

शृंगार रस | आधुनिक काल

 1036  0

राजेश रेड्डी

किसी ने ग़म को कुछ समझा

राजेश रेड्डी

शांत रस | आधुनिक काल

 625  0

चंदबरदाई

पद्मावती

चंदबरदाई

वीर रस | भक्तिकाल

 1783  0

केदारनाथ अग्रवाल

मात देना नहीं जानतीं

केदारनाथ अग्रवाल

करुण रस | आधुनिक काल

 788  0

देव

ग्रीषम प्रचंड घाम चंडकर मंडल तें

देव

शृंगार रस | रीतिकाल

 804  0

मीराबाई

बसो मोरे नैनन में नंदलाल

मीराबाई

शृंगार रस | भक्तिकाल

 908  0

गोपाल सिंह नेपाली

यह लघु सरिता का बहता जल

गोपाल सिंह नेपाली

शांत रस | आधुनिक काल

 747  0

बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'

मेह की झड़ी लगी 

बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 629  0

प्रदीप

कभी कभी खुद से बात करो

प्रदीप

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 704  0

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

खेलूँगी कभी न होली

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 743  1

रामधारी सिंह 'दिनकर'

कुरुक्षेत्र / तृतीय सर्ग / भाग 1

रामधारी सिंह 'दिनकर'

वीर रस | आधुनिक काल

 793  0

कुम्भनदास

तुम नीके दुहि जानत गैया.

कुम्भनदास

शांत रस | भक्तिकाल

 761  0

कुँअर बेचैन

कुछ काले कोट कचहरी के

कुँअर बेचैन

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 675  0

संतोषानन्द

इन हसीन वादियों से 

संतोषानन्द

शृंगार रस | आधुनिक काल

 836  0

गोपालदास ‘नीरज’

कितनी अतृप्ति है

गोपालदास ‘नीरज’

शांत रस | आधुनिक काल

 730  0

केदारनाथ सिंह

प्रक्रिया

केदारनाथ सिंह

शांत रस | आधुनिक काल

 651  0

बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'

विप्लव गायन 

बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'

रौद्र रस | आधुनिक काल

 4331  0

नरेन्द्र शर्मा

हंस माला चल

नरेन्द्र शर्मा

शांत रस | आधुनिक काल

 638  0

भूषण

चकित चकता चौंकि चौंकि उठै बार बार

भूषण

वीर रस | रीतिकाल

 855  0

कुमार विश्वास

मैं तो झोंका हूँ

कुमार विश्वास

शृंगार रस | आधुनिक काल

 1093  0

प्रदीप

ऐ मेरे वतन के लोगों

प्रदीप

करुण रस | आधुनिक काल

 1153  1

सोम ठाकुर

मुझको तोड़ा है

सोम ठाकुर

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 677  0

नरेन्द्र शर्मा

ऐसे हैं सुख सपन हमारे

नरेन्द्र शर्मा

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 655  0

केदारनाथ सिंह

खोल दूं यह आज का दिन

केदारनाथ सिंह

शांत रस | आधुनिक काल

 661  0

प्रभाकर माचवे

बादल बरसै मूसलधार

प्रभाकर माचवे

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 633  0

महादेवी वर्मा

उर तिमिरमय घर तिमिरमय

महादेवी वर्मा

शृंगार रस | आधुनिक काल

 769  0

बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'

भिक्षा

बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'

शृंगार रस | आधुनिक काल

 791  0

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

अभी न होगा मेरा अन्त

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

वीर रस | आधुनिक काल

 1689  0

रामधारी सिंह 'दिनकर'

पर्वतारोही

रामधारी सिंह 'दिनकर'

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 682  0

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

नयनों के डोरे लाल-गुलाल भरे

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

शृंगार रस | आधुनिक काल

 947  1




  परिचय

"मातृभाषा", हिंदी भाषा एवं हिंदी साहित्य के प्रचार प्रसार का एक लघु प्रयास है। "फॉर टुमारो ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग" द्वारा पोषित "मातृभाषा" वेबसाइट एक अव्यवसायिक वेबसाइट है। "मातृभाषा" प्रतिभासम्पन्न बाल साहित्यकारों के लिए एक खुला मंच है जहां वो अपनी साहित्यिक प्रतिभा को सुलभता से मुखर कर सकते हैं।

  Contact Us
  Registered Office

47/202 Ballupur Chowk, GMS Road
Dehradun Uttarakhand, India - 248001.

Tel : + (91) - 7534072808
Mail : info@maatribhasha.com