काव्यशाला पृष्ठ 7 | मातृभाषा - माँ भारती का श्रृंगार | Hindi Poems

कालजयी कविताएँ

हिंदी साहित्य की कालजयी कविताओं का संकलन





माखनलाल चतुर्वेदी

कैदी और कोकिला

माखनलाल चतुर्वेदी

भयानक रस | आधुनिक काल

 4308  0

प्रभुदयाल श्रीवास्तव

अम्मू भाई

प्रभुदयाल श्रीवास्तव

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 631  0

महाकवि बिहारीलाल

उड़ि गुलाल घूँघर भई

महाकवि बिहारीलाल

शृंगार रस | रीतिकाल

 1352  0

गोपालदास ‘नीरज’

जी उठे शायद शलभ इस आस में

गोपालदास ‘नीरज’

करुण रस | आधुनिक काल

 1268  0

भूषण

इन्द्र जिमि जम्भ पर

भूषण

वीर रस | रीतिकाल

 2485  0

गजानन माधव 'मुक्तिबोध'

कल और आज

गजानन माधव 'मुक्तिबोध'

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 628  0

बालकृष्ण राव

फिर क्या होगा उसके बाद

बालकृष्ण राव

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 723  0

महाकवि बिहारीलाल

बिहारी के दोहे

महाकवि बिहारीलाल

शृंगार रस | रीतिकाल

 1758  0

प्रदीप

दे दी हमें आज़ादी

प्रदीप

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 721  0

नामवर सिंह

पारदर्शी नील जल में

नामवर सिंह

शृंगार रस | आधुनिक काल

 1085  0

रामधारी सिंह 'दिनकर'

कलम या कि तलवार

रामधारी सिंह 'दिनकर'

वीर रस | आधुनिक काल

 6898  1

शिवमंगल सिंह 'सुमन'

हम पंछी उन्मुक्त गगन के

शिवमंगल सिंह 'सुमन'

शांत रस | आधुनिक काल

 854  0

महादेवी वर्मा

जब यह दीप थके

महादेवी वर्मा

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 791  0

कुमार विश्वास

जब भी मुँह ढक लेता हूँ

कुमार विश्वास

शृंगार रस | आधुनिक काल

 1657  0

सोहनलाल द्विवेदी

युगावतार गांधी

सोहनलाल द्विवेदी

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 674  0

सुमित्रानंदन पंत

ग्राम श्री

सुमित्रानंदन पंत

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 766  1

पद्माकर

ओप भरी कंचुकी उरोजन पर ताने कसी, 

पद्माकर

शृंगार रस | रीतिकाल

 1230  0

रामचंद्र शुक्ल

आशा और उद्योग

रामचंद्र शुक्ल

वीर रस | आधुनिक काल

 2437  0

पद्माकर

कै रति रँग थकी थिर ह्वै

पद्माकर

शृंगार रस | रीतिकाल

 1006  0

सोम ठाकुर

सूरज के हस्ताक्षर हैं

सोम ठाकुर

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 767  0

रामधारी सिंह 'दिनकर'

मज़दूर

रामधारी सिंह 'दिनकर'

करुण रस | आधुनिक काल

 1990  0

गुलाब खंडेलवाल

अब तुम नौका लेकर आये

गुलाब खंडेलवाल

शांत रस | आधुनिक काल

 703  0

सुभद्राकुमारी चौहान

साध

सुभद्राकुमारी चौहान

शृंगार रस | आधुनिक काल

 1451  0

महादेवी वर्मा

प्रिय चिरंतन है सजनि

महादेवी वर्मा

शृंगार रस | आधुनिक काल

 1122  0

सुभद्राकुमारी चौहान

पानी और धूप

सुभद्राकुमारी चौहान

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 862  2

धर्मवीर भारती

तुम्हारे चरण

धर्मवीर भारती

शृंगार रस | आधुनिक काल

 1113  0

रामधारी सिंह 'दिनकर'

जनतन्त्र का जन्म

रामधारी सिंह 'दिनकर'

वीर रस | आधुनिक काल

 3816  0

सुभद्राकुमारी चौहान

खिलौनेवाला

सुभद्राकुमारी चौहान

शांत रस | आधुनिक काल

 933  0

माखनलाल चतुर्वेदी

गाली में गरिमा घोल-घोल

माखनलाल चतुर्वेदी

अद्भुत रस | आधुनिक काल

 634  0

ठाकुर

सेवक सिपाही सदा उन रजपूतन के 

ठाकुर

वीर रस | रीतिकाल

 3375  0




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