एक सफ़र  kanika goyal

एक सफ़र

kanika goyal

एक सफ़र की राह पे तू चलती चले,
ताकि एक मकसद को जल्दी ही पूरा करे।
 

फिर क्या है जो रोके तुझे बेखबर,
एक सफ़र की राह पे तू चलती चले,
ताकि मुस्कुराते चेहरों की दुनिया बने।
 

फिर क्या है जो रोके तुझे बेखबर,
एक सफ़र की राह पे तू चलती चले
पर वो मुस्कान तू इस सफ़र में भी ला,
ताकि एक मकसद को जल्दी ही पूरा करे,
एक सफ़र की राह पे तू चलती चले।

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