बेवफा मोहब्बत  Puneet Kumar

बेवफा मोहब्बत

Puneet Kumar

दिल मेरा तोड़कर चली गई है वो,
उम्र भर का दर्द आज दे गई है वो।
 

पागल है दिल कुछ समझता ही नहीं,
आँसुओं का सैलाब अब थमता ही नहीं,
अँधेरे में मुझे तनहा छोड़ गई है वो,
के दिल मेरा तोड़कर चली गई है वो।
 

तन्हाई में बैठा हूँ रूठा हूँ रोता हूँ,
आँसुओं की इस बारिश से मैं हर गम सहता हूँ,
दिलजले का दर्द ये बताऊँ किस किसको,
के दिल मेरा तोड़कर चली गई है वो।
 

ज़िद है उसे पाने की हँसने की मुस्कुराने की,
काँटों भरी ज़िन्दगी में फूल कुछ खिलाने की,
मोहब्बत को मेरी आज रुसवा कर गई है वो,
के दिल मेरा तोड़कर चली गई है वो।

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