कलम की आवाज़  Shivam Dubey

कलम की आवाज़

Shivam Dubey

प्यारी सी ग़ज़ल कलम से,
सुंदर कविता और मनोरंजक कहानी भी कलम से,
शायर की नज़्म और मशहूर शायरी भी कलम से।
 

क़लम की आवाज़ शोर नहीं मचाती,
सियासतों और रियासतों की
जो जड़ें हिलाकर कर रख दी
ऐसे वो लेख क़लम से,
अब नहीं ताकत शायद क़लम की आवाज़ में,
शायद ये लिखा भी मैंने बिना कलम से।

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