प्रतिमान  SHRIYANSH SRIVASTAVA

प्रतिमान

SHRIYANSH SRIVASTAVA

कौन अच्छा है ?
अँधेरा या उजाला।
 

क्यों आशा की किरण
है सूरज की लालिमा
और भयावह है
अमावस की कालिमा।
 

क्या सिर्फ आँखें ही
बता पाएँगी पूरा सच?
क्या कोई जानता भी है
पूरा-पूरा सच?
 

आम सच है
सूरज प्रकाशमान है,
ऊर्जा से है भरा,
पर विज्ञान से पूछो
ज़्यादा सच बताएगा।
 

भानु स्वयं है घिरा
अंधेरों से है भिड़ा
या कहो
अँधेरे ने सूरज को
चमकने का मौका है दिया,
और हम समझते हैं
उसने तम को समूल मिटा लिया।
 

ऐसे ही कई प्रतिमान
हैं समाज में दागी,
है यह सही वह गलत
यह उल्टा वह पुल्टा
सब खुराफात दिमागी,
न मानो तुम इनकी बात
तो भए बबुआ बागी,
है हुई इन्हीं प्रतिमानों से
समाज की बर्बादी।
 

बस इसी बड़ी बीमारी
से दिलवानी है,
प्यारे भारत को आज़ादी !

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