मरने की बात ना किया कर  APOORVA SINGH

मरने की बात ना किया कर

APOORVA SINGH

मरती हूँ दिल और जान से तुझ पर,
दूर जाने की बात ना किया कर।
 

करती हूँ ऐतबार तुझ पर,
दिल तोड़ने की बात ना किया कर।
 

हो सके तो दे दे चंद लम्हे अपनी ज़िन्दगी के,
बेफिजूल दिन बिता के रात ना किया कर।
 

तेरे इक दीदार को तरसती हूँ मैं,
यूँ मुँह छुपा के बात ना किया कर।
 

तू सिर्फ मेरा था मेरा ही रहेगा,
ज़ुबां से किसी और का नाम ना लिया कर।
 

तुझे छीन लाऊँगी उस खुदा से भी,
बस यूँ मिट जाने की बात ना किया कर,
यूँ मिट जाने की बात ना किया कर।

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