प्रेम की शुरुआत  Sachin Prakash

प्रेम की शुरुआत

Sachin Prakash

मुझे छोड़ मेरे ख्वाबों को पढ़ना,
तुम्हारी खुबसूरत कोई तस्वीर उनमें होगी,
बातों में शायद ज्यादा कह ना सकूँ,
मिले जो आप तो तकदीर मेरी होगी।
 

नई दोस्ती के रंग भी चढ़ने लगेंगे,
जब मुलाकातों के दौर बढ़ने लगेंगे,
पसंद नापसंद की बातें भी होंगी,
जब आप थोड़े करीब होने लगेंगे।
 

शांत होकर भी सब हम कह जाएँगे,
इशारों में सब आप सीख जाएँगे,
हद पार कर सिर्फ मोहब्बत ही होगी,
मजाक में वक़्त संग बीत जाएँगे।
 

खूबियों पे आपकी तो किताबें लिख दूँ,
जीवन की कहानी आपके सहारे लिख दूँ,
लिख कर आपको कुछ दे जो सका,
हर पल में आपके बहारें लिख दूँ।
 

गणित की ज़रूरत तो व्यापार में है,
पसंद का आधार ही प्यार में है,
पढ़ें आप तो ऐसे मीठे फसाने लिख दूँ,
इज़हार-ए-इश्क के सारे तराने लिख दूँ।

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