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कब गुज़र जाते हैं जीवन के छोटे छोटे दिन....विशेष बातें मन में हो जाते हैं लीन....ताकता रहता हूँ जिसे वो हाथ में नहीं आता...जो दिल को छू लेती है वो बन जाती कविता....।
कब गुज़र जाते हैं जीवन के छोटे छोटे दिन....विशेष बातें मन में हो जाते हैं लीन....ताकता रहता हूँ जिसे वो हाथ में नहीं आता...जो दिल को छू लेती है वो बन जाती कविता....।