गोपालप्रसाद व्यास | मातृभाषा - माँ भारती का श्रृंगार

गोपालप्रसाद व्यास

जीवन परिचय

प्रारंभिक शिक्षा पहले परासौली के निकट भवनपुरा में। उसके बाद अथ से इति तक मथुरा में केवल कक्षा सात तक। स्वतंत्रता-संग्राम के कारण उसकी भी परीक्षा नहीं दे सके और स्कूली शिक्षा समाप्त हो गई। पिंगल पढ़ा स्व0 नवनीत चतुर्वेदी से। अंलकार, रस-सिद्धांत पढ़े सेठ कन्हैयालाल पोद्दार से। नायिका भेद का ज्ञान सैंया चाचा से और पुरातत्व, मूर्तिकला, चित्रकला आदि का डॉ0 वासुदेवशरण अग्रवालसे। विशारद और साहित्यरत्न का अध्ययन तथा हिन्दी के नवोन्मेष का पाठ पढ़ा डॉ0 सत्येन्द्र से

सन्‌ 1931 में हिन्डौन (राजस्थान) निवासी प्रतापजी की पौत्री श्रीमती अशर्फी देवी के साथ।

प्रथम कार्य-क्षेत्र आगरा में। सन्‌ 1945 से मृत्युपर्यंत दिल्ली में।

पिता स्व0 ब्रजकिशोर शास्त्री। माता स्व0 चमेली देवी। तीन पुत्र- स्व.जगदीश, गोविन्द, ब्रजमोहन। तीन पुत्रियां-श्रीमती पुष्पा उपाध्याय, श्रीमती मधु शर्मा और डॉ0 रत्ना कौशिक तथा एक दर्जन से ऊपर पौत्र-पौत्रियां एवं दौहित्र-दौहित्रियां।

ब्रजभाषा के कवि, समीक्षक, व्याकरण, साहित्य-शास्त्र, रस-रीति, अलंकार, नायिका-भेद और पिंगल के मर्मज्ञ। हिन्दी में व्यंग्य-विनोद की नई धारा के जनक। हास्यरस में पत्नीवाद के प्रवर्तक। सामाजिक, साहित्यिक, राजनैतिक व्यंग्य-विनोद के प्रतिष्ठाप्राप्त कवि एवं लेखक और 'हास्यरसावतार' के नाम से प्रसिद्ध।

'साहित्य संदेश' आगरा, 'दैनिक हिन्दुस्तान' दिल्ली, 'राजस्थान पत्रिका' जयपुर, 'सन्मार्ग', कलकत्ता में संपादन तथा दैनिक 'विकासशील भारत' आगरा के प्रधान संपादक। स्तंभ लेखन में सन्‌ 1937 से अंतिम समय तक निरंतर संलग्न। ब्रज साहित्य मंडल, मथुरा के संस्थापक और मंत्री से लेकर अध्यक्ष तक। दिल्ली हिन्दी साहित्य सम्मेलन के संस्थापक और 35 वर्षों तक महामंत्री और अंत तक संरक्षक। श्री पुरुषोत्तम हिन्दी भवन न्यास समिति के संस्थापक महामंत्री के पद पर अंत तक रहे। लाल किले के 'राष्ट्रीय कवि-सम्मेलन' और देशभर में होली के अवसर पर 'मूर्ख महासम्मेलनों' के जन्मदाता और संचालक।

लेखन शैली

ब्रजभाषा के कवि, समीक्षक, व्याकरण, साहित्य-शास्त्र, रस-रीति, अलंकार, नायिका-भेद और पिंगल के मर्मज्ञ। हिन्दी में व्यंग्य-विनोद की नई धारा के जनक। हास्यरस में पत्नीवाद के प्रवर्तक। सामाजिक, साहित्यिक, राजनैतिक व्यंग्य-विनोद के प्रतिष्ठाप्राप्त कवि एवं लेखक और 'हास्यरसावतार' के नाम से प्रसिद्ध।

प्रमुख कृतियाँ
क्रम संख्या कविता का नाम रस लिंक
1

सुभाष चन्द्र बोस

वीर रस
  परिचय

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