करुण रस की कविताएं पृष्ठ 1 | मातृभाषा - माँ भारती का श्रृंगार

काव्यशाला - करुण रस की कविताएं

हिंदी साहित्य के करुण रस की कालजयी कविताओं का संकलन





मुझे फूल मत मारो

मैथिलीशरण गुप्त

करुण रस | आधुनिक काल

 1384  0

जो तुम आ जाते एक बार

महादेवी वर्मा

करुण रस | आधुनिक काल

 1220  0

और का और मेरा दिन

केदारनाथ अग्रवाल

करुण रस | आधुनिक काल

 482  0

इंदिरा जी की मृत्यु पर

हरिओम पंवार

करुण रस | आधुनिक काल

 583  0

कुछ ऐसा खेल रचो साथी

गोपाल सिंह नेपाली

करुण रस | आधुनिक काल

 600  0

सखि वे मुझसे कह कर जाते

मैथिलीशरण गुप्त

करुण रस | आधुनिक काल

 571  0

हमारी जिन्दगी 

केदारनाथ अग्रवाल

करुण रस | आधुनिक काल

 473  0

अति अनियारे मानौ सान दै सुधारे

रहीम

करुण रस | भक्तिकाल

 337  0

मौसम की चोट

उर्मिलेश

करुण रस | आधुनिक काल

 362  0

परदेशी

रामधारी सिंह 'दिनकर'

करुण रस | आधुनिक काल

 457  0

छिप-छिप अश्रु बहाने वालों

गोपालदास ‘नीरज’

करुण रस | आधुनिक काल

 580  0

कामना

अशोक चक्रधर

करुण रस | आधुनिक काल

 367  0

त्राहि त्राहि कर उठता जीवन

हरिवंश राय बच्चन

करुण रस | आधुनिक काल

 462  0

गुलाबी चूड़ियाँ

नागार्जुन

करुण रस | आधुनिक काल

 330  0

माता की मृत्यु पर

प्रभाकर माचवे

करुण रस | आधुनिक काल

 387  0

जी उठे शायद शलभ इस आस में

गोपालदास ‘नीरज’

करुण रस | आधुनिक काल

 186  0

मज़दूर

रामधारी सिंह 'दिनकर'

करुण रस | आधुनिक काल

 255  0

मेरा नाम लिया जाएगा

गोपालदास ‘नीरज’

करुण रस | आधुनिक काल

 283  0

ज़िन्दगी

कुँअर बेचैन

करुण रस | आधुनिक काल

 294  0

तोड़ती पत्थर

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

करुण रस | आधुनिक काल

 293  0

विदा लाडो

कुमार विश्वास

करुण रस | आधुनिक काल

 371  0

आँगन

धर्मवीर भारती

करुण रस | आधुनिक काल

 241  0

स्पष्टीकरण

त्रिलोचन

करुण रस | आधुनिक काल

 159  0

मैं कल रात नहीं रोया था

हरिवंश राय बच्चन

करुण रस | आधुनिक काल

 365  0

जब भी इस शहर में कमरे से मैं बाहर निकला

गोपालदास ‘नीरज’

करुण रस | आधुनिक काल

 171  0

सौगन्ध बापू

पाश

करुण रस | आधुनिक काल

 182  0

नभ के नीले सूनेपन में

नामवर सिंह

करुण रस | आधुनिक काल

 189  0

यह प्रेम कथा कहिये किहि सोँ

ठाकुर

करुण रस | रीतिकाल

 190  0

दिल्ली

रामधारी सिंह 'दिनकर'

करुण रस | आधुनिक काल

 269  0

प्रार्थना बनी रही

गोपाल सिंह नेपाली

करुण रस | आधुनिक काल

 248  0




  परिचय

"मातृभाषा", हिंदी भाषा एवं हिंदी साहित्य के प्रचार प्रसार का एक लघु प्रयास है। "फॉर टुमारो ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग" द्वारा पोषित "मातृभाषा" वेबसाइट एक अव्यवसायिक वेबसाइट है। "मातृभाषा" प्रतिभासम्पन्न बाल साहित्यकारों के लिए एक खुला मंच है जहां वो अपनी साहित्यिक प्रतिभा को सुलभता से मुखर कर सकते हैं।

  Contact Us
  Registered Office

47/202 Ballupur Chowk, GMS Road
Dehradun Uttarakhand, India - 248001.

Tel : + (91) - 8439003408

Tel : + (91) - 8881813408
Mail : info@maatribhasha.com