लाख करे पतझर कोशिश पर उपवन नहीं मरा करता है

पतझर कितनी भी विकराल हो या चाहे पतझर कितने भी प्रयास करे पर उपवन कभी नहीं मरता हैं इसी प्रकार बुरे विचार, बुरे व्यक्ति या दुष्प्रचार कितना भी विशाल हो पर प्रगति एवं विकास कभी नहीं रूकता है| आज हम देखते हैं कि समाज में आज अनेक बुराइया प्रचलित हैं समाज में जातिवाद,छेत्रवाद व धर्म आधारित बुराइया विराजमान हैं हम आपस मे लड़ते हैं हमारे बीच में कुछ इस प्रकार के तत्व हैं जो इस प्रकार कि बुराइयों को हवा देते हैं उस पर राजनीति करते हैं तथा विभाजनकारी विचारो को हवा देते हैं ऐसे तत्व देश के लिए खतरनाक हैं तथा समाज को तोड़ते हैं हमें ऐसे तत्वों को पह्चानना होगा समाज को जागरूक करना होगा समाज से ऐसे तत्वों को अलग थलग करना होगा देशभक्त विचारो को आगे बढ़ाना होगा हमे हमारी शिक्षा व्यवस्था में ऐसे विचारो को सम्मलित करना होगा जो देशभक्ति को आगे बढ़ाये विभाजनकारी विचारो को कम करे .लोगो को ऐसे विचारो से बचाये हमे प्रगति व विकास कि विचारधारा को बढ़ाना हैं ऐसे विघटनकारी तत्वों से समाज को जागरूक करना हैं शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना हैं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना हैं अपने सूचना तंत्र को मजबूत करना हैं पडोसी देशो से सम्बन्ध सुधारना हैं भाईचारा को बढ़ावा देना हैं सामाजिक एकता को बढ़ाना हैं येसी परिस्थित्यों को बढ़ावा देना हैं जो सामाजिक एकता को बढ़ाये सामाजिक समरसता को बढ़ाये और विकास व प्रगति के विचारो को आगे बढ़ाना हैं यदि हमे देश को आगे ले जाना हैं तो हमे अपनी सभी बुराइयओ को मिटाना होगा और आगे बढ़ना होगा हमे विश्व परिवार कि परिकल्पना को आगे बढ़ाना होगा छोटे छोटे झगडे ख़त्म करने होंगे जो विकास में बाधक हैं हमे अपनी सोच बदलनी हैं हमे भ्रष्टाचार को ख़त्म करना होगा भ्रष्टाचार एक बुराई हैं हमे व हमारी प्रगति को भ्रष्टाचार खा जाता हैं इसे कम करना हैं इसे ख़त्म करने के प्रयास करने हैं ताकि हमारी प्रगति बाधित न हो हम विकास के पथ पर आगे बढ़ सके हम प्रगति करते रहे और आगे बढ़ते रहे और एक दिन हम विश्व गुरु का ख़िताब प्राप्त कर सके हमारी सबसे पुराणी सभ्यता हैंहमारा देश प्राचीन काल में सोने कि चिड़िया कहलाता था सबसे प्रगतिशील अर्थव्यवस्था हमारी ही थी हमे पुन: वही सम्मान प्राप्त करना हैं इसके लिए हमे पहले अपनी बुराईयो को मिटाना होगा हमारी एक बड़ी समस्या आतंकवाद व नक्सलवाद भी हैं जो हमारे देश को बर्बाद कर रहा हैं हमारे देश कि बहुत सारी उर्जा इसी से लड़ाई में खर्च हो रही हैं हमारी सेनाये व अर्ध सुरक्षाबल इनसे लड़ रहे हैं हमारे कई परदेश इससे प्रभावित हैं इससे हमे जानमाल का भी नुकसान होता हैं विश्व के अनेक देश इससे प्रभावित हैं हमे व विश्व को इस समस्या को मिलजुलकर समाधान करना पड़ेगा जब हम सभी इस समस्या के समाधान के लिए एक हो जायेंगे तभी इस समस्या का समाधान हो पायेगा और इस विश्व व्यापी समस्या को हम ख़त्म कर पायेंगे तथा इसका समाधान हो पायेगा फिर भी यह सब हमारी प्रगति को बाधित करता हैं लेकिन यह हमे प्रगति से रोक नहीं सकता समाज में जातिवाद,छेत्रवाद व धर्म आधारित बुराइया इसे बाधित तो करती हैं लेकिन प्रगति को रोक नहीं सकती अत हम कह सकते हैं कि लाख करे पतझर कोशिश पर उपवन नहीं मरता प्रगति एक निरंतर प्रक्रिया हैं जो जारी रहती हैं
 

आज हमने वहुत प्रगति कि हैं हमने विकास किया हैं विज्ञान के छेत्र में हमने बहुत प्रगति कि हैं हम विकासशील कि स्थिति से स्वयं को विकशित कि स्थिति में लाये हैं अब हम येसी स्थिति में हैं कि कोई भी हमे न तो डरा सकता हैं और न ही हमे ब्लैक मेल कर सकता हैं हम कुछ मामलो में तो प्रगति शील की स्थिति में हैं अत हम कह सकते हैं कि इतनी सारी समस्याओ के बावजूद हम प्रगति कर रहे हैं
 

विकास व प्रगति चाहे कही भी हो,कभी भी हो पर वह रूकती नहीं है| यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है| दुष्प्रचार या बुरे विचार या आतंकवादी विचार धारा या देशद्रोही विचार हमारी प्रगति व विकास की रफ़्तार को धीमा तो करते है| प्रभावित भी करते है लेकिन यह देश, व्यक्ति या विकास को कभी ख़त्म नहीं कर सकते क्योकि प्रगति व विकास सतत चलने वाली प्रक्रिया है| जिस प्रकार पतझर के बाद उपवन में नई हरयाली आती है| पोधो में अंकुर फूटने लगते है| तथा उपवन में नये पत्ते, फल व फूल आते है| इसी प्रकार दुष्प्रचार या बुरे विचार या आतंकवादी विचार धारा या देशद्रोही विचारो पर सद्विचार, प्रगति व विचार हावी हो जाते है | बुराईयों का अन्त धीरे- धीरे होने लगता है| दुष्प्रचार व बुरे विचार भी स्वयं ही धीरे धीरे खत्म होने लगते है| आतंकवादी विचारधारा का भी धीरे धीरे अन्त होने लगता है| सदविचार, प्रगति व विकास की रफ़्तार बढ़ने लगाती है| और जैसे पतझर का स्थान अंकुर, नए पत्ते व नये फूल व फल लेते है| वैसे ही बुरे समय, बुरे विचार, दुष्प्रचार का भी स्थान अच्छा समय, प्रगति, विकास व सदविचार ले लेता है| इसीलिये कहा जाता हैं की लाख करे पतझर कोशिश पर उपवन नहीं मरता

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