दीया और बाती  Deeksha Dwivedi

दीया और बाती

Deeksha Dwivedi

तू है कनक तो मैं माटी पिया
तू प्रातः है तो मैं रात्रि पिया
तेरे संग पूरी, तेरे बिन अधूरी
जैसे दीया और बाती पिया।
 

क्यों कान्हा के पीछे थी मीरा दीवानी
क्यों मशहूर है हीर रांझा की कहानी
जो तुझसे ना मिलती तो साँची पिया,
ये किस्से समझ ना मैं पाती पिया
तू है कनक तो मैं माटी पिया।
 

नज़र से नज़र का मिलन है अनोखा
तू हँसकर बुलादे वही मेरा तोहफा
मेरी ओढ़नी भी लजाती पिया,
पायलिया मिलन गीत गाती पिया
तू है कनक तो मैं माटी पिया।

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