एकता की होली  RATNA PANDEY

एकता की होली

RATNA PANDEY

आओ सब मिल जुलकर खेलें होली,
संग मनाएँ सारे मिलकर ईद, दीवाली और होली।
आओ सब मिल जुलकर खेलें होली,
निकलेगी फिर हर गलियों से एकता की ही टोली,
आओ सब मिल जुलकर खेलें होली।
 

नहीं चाहिए धन दौलत किसी की,
बस मिले प्यार के रंगो से भरी तिजोरी,
आओ सब मिल जुलकर खेलें होली।
भारत माँ के चरणों में बनाएँ, प्रेम के रंगों से भरी रंगोली,
आओ सब मिल जुलकर खेलें होली,
सब मिल जुलकर बरसाएँ,
आकाश से अमृत रस की होली,
आओ सब मिल जुलकर खेलें होली।
 

रंगों से जब रंग मिलते हैं,
एक नया रंग बन जाए,
एकता के प्रतीक सा बंधन,
उसमें नज़र आ जाए,
हिंदु, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
गर आपस में मिल जाएँ,
सामने देखो एक नया,
मजबूत भारत नज़र आ जाए,
हैं हम सब एक दूजे के हमजोली,
आओ सब मिल जुलकर खेलें होली।

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