चिपको  RATNA PANDEY

चिपको

RATNA PANDEY

आओ करते हैं यह आवाह्न
सब मिलकर इतिहास को दोहरा दो,
लेकर शिक्षा इतिहास के पन्नों से
वृक्षों का जीवन बचा लो।
 

देर हो गई अंधेर होने से बचा लो,
जो कट गए वह बात गई,
बाकी को कटने से बचा लो।
 

माँ बाप उनको समझ लो,
जब तक छत्र छाया में उनकी रहोगे,
जीने का लाभ उठा लो।
 

मारे गए यदि वह एक-एक करके
हम भी नहीं बच पायेंगे,
जो मार रहे हैं उनको
क्या वह ख़ुद को जीवन दे पाएँगे।
 

धिक्कार है ऐसे लोगों पर
जो एहसान फरामोश होते हैं,
साँसें देता है जो उन को नित,
उसकी साँसें ही ले लेते हैं।
 

जो स्वयं की पीढ़ी को ना बचा पाएँगे,
ऐसे लोग प्रकृति को क्या बचाएँगे।
 

उठो, जागो बन कर्मठ
कर्त्तव्य अपना निभा दो,
चिपको ढ़ाल बनकर वृक्षों से
तलवार की धार से उनको बचा लो।
 

डाल दो अपनी बाँहों का हार गले में,
कुल्हाड़ी को चलने से रुका लो।
 

देर हो गई अंधेर होने से बचा लो
जो कट गए वह बात गई,
बाकी को कटने से बचा लो।
 

लेकर शिक्षा इतिहास के पन्नों से
वृक्षों का जीवन बचा लो।

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