मेरी बेटी मेरा वजूद  Vandana Namdev Verma

मेरी बेटी मेरा वजूद

Vandana Namdev Verma

मेरी बेटी, मेरा वजूद,
मेरी बेटी, मेरा अस्तित्व,
मेरी बेटी, मेरी हँसी, मेरी खुशी,
मेरा सम्मान, मेरा अभिमान,
मेरे उदास चेहरे की मुस्कान,
मेरे बिखरते सपनों की अरमान,
मेरे गुजरे हुए
बचपन की परछाई,
मेरे टूटे हुए उम्मीदों की
एक नई रोशनी।
मेरे गुजरते हुए पलों की
एक सुहानी याद।
मेरी बेटी मेरी जिन्दगी, मेरी जान।

अपने विचार साझा करें




1
ने पसंद किया
94
बार देखा गया

पसंद करें


  परिचय

"मातृभाषा", हिंदी भाषा एवं हिंदी साहित्य के प्रचार प्रसार का एक लघु प्रयास है। "फॉर टुमारो ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग" द्वारा पोषित "मातृभाषा" वेबसाइट एक अव्यवसायिक वेबसाइट है। "मातृभाषा" प्रतिभासम्पन्न बाल साहित्यकारों के लिए एक खुला मंच है जहां वो अपनी साहित्यिक प्रतिभा को सुलभता से मुखर कर सकते हैं।

  Contact Us
  Registered Office

47/202 Ballupur Chowk, GMS Road
Dehradun Uttarakhand, India - 248001.

Tel : + (91) - 7534072808
Mail : info@maatribhasha.com