सहानुभूति  Mohanjeet Kukreja

सहानुभूति

Mohanjeet Kukreja

आज चलते-चलते
एक दृश्य देखा -
कुछ साधारण सा
कुछ असाधारण सा...
 

देखा... एक बालक
अंधाधुंध दौड़ता हुआ
ठोकर खा कर गिर पड़ा,
और नज़रें घुमा कर
देखने लगा चारों तरफ़
इस उम्मीद में शायद -
कि कोई आएगा
और सहारा दे कर
उसे उठाएगा !
 

और मैं...
अपनी धुन में
गुमसुम सा चलता रहा
यह सोचते हुए कि
कितना पागल है यह -
बिल्कुल मेरी ही तरह......!!

अपने विचार साझा करें




1
ने पसंद किया
233
बार देखा गया

पसंद करें


  परिचय

"मातृभाषा", हिंदी भाषा एवं हिंदी साहित्य के प्रचार प्रसार का एक लघु प्रयास है। "फॉर टुमारो ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग" द्वारा पोषित "मातृभाषा" वेबसाइट एक अव्यवसायिक वेबसाइट है। "मातृभाषा" प्रतिभासम्पन्न बाल साहित्यकारों के लिए एक खुला मंच है जहां वो अपनी साहित्यिक प्रतिभा को सुलभता से मुखर कर सकते हैं।

  Contact Us
  Registered Office

47/202 Ballupur Chowk, GMS Road
Dehradun Uttarakhand, India - 248001.

Tel : + (91) - 7534072808
Mail : info@maatribhasha.com