रुकावट के लिए खेद है  Spriha Godbole

रुकावट के लिए खेद है

Spriha Godbole

दिल ने कहा कि तू रुक जा,
दिमाग ने समझाया कि तू थम जा,
जिस्म ने कहलवाया कि तू ठहर जा,
लेकिन अंतरात्मा ने बताया कि तू चलते जा।
 

ये मत सोच कि लोग क्या कहेंगे,
ये मत देख कि क्या तेरी लिखावट तुझपे हँसेगी,
ये मत सुन कि क्या दुनिया तुझको बोलेगी,
बस एक लम्बी आह भर और तू चलते जा।
 

तुझे ऐसा लगेगा कि सब तेरे दुश्मन हैं,
कभी ऐसा लगेगा कि लोग तुझसे नफ़रत करते हैं,
एक दिन ऐसा भी आएगा जब तू पछताएगा,
पर सोच मत बिल्कुल बस तू चलते जा।
 

आगे क्या होना है वो किसी को नहीं पता,
आगे क्या होगा ये कोई नहीं जानता,
लेकिन आज कैसे बदलना है वो हमें जानना है,
पछतावा पीछे छोड़कर बस तू चलते जा।

अपने विचार साझा करें




0
ने पसंद किया
57
बार देखा गया

पसंद करें


  परिचय

"मातृभाषा", हिंदी भाषा एवं हिंदी साहित्य के प्रचार प्रसार का एक लघु प्रयास है। "फॉर टुमारो ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग" द्वारा पोषित "मातृभाषा" वेबसाइट एक अव्यवसायिक वेबसाइट है। "मातृभाषा" प्रतिभासम्पन्न बाल साहित्यकारों के लिए एक खुला मंच है जहां वो अपनी साहित्यिक प्रतिभा को सुलभता से मुखर कर सकते हैं।

  Contact Us
  Registered Office

47/202 Ballupur Chowk, GMS Road
Dehradun Uttarakhand, India - 248001.

Tel : + (91) - 7534072808
Mail : info@maatribhasha.com