ऐ ज़िंदगानी हौले चल  Shristy Ruhela

ऐ ज़िंदगानी हौले चल

Shristy Ruhela

ऐ ज़िंदगानी हौले चल
काफी ऋण देय बाकी हैं,
थोड़ी पीड़ा मिटानी बाकी है
थोड़े कर्तव्य उठाने बाकी हैं।
 

वेग से तेरे गमन करने से
थोड़े खफा हो गए थोड़े छूट गए,
खाफाओं को मनाना बाकी है
बिलख़तों को खुशियाँ देनी बाकी हैं।
 

बिखर गए बहुत से संबंध नाते,
उन बिखरे संबंधों को समेटना बाकी है,
थोड़े ख्वाब अधूरे हैं,
उन अधूरे ख्वाबों को पूरा करना बाकी है।
 

उलझी है ये ज़िंदगी मेरी,
इस उलझी ज़िंदगी को सुलझाना बाकी है,
थम जाएँगी साँसें एक दिन,
मन को यह बात बताना बाकी है।
 

ऐ ज़िंदगानी हौले चल
काफी ऋण देय बाकी हैं,
थोड़ी पीड़ा मिटानी बाकी है
थोड़े कर्तव्य उठाने बाकी हैं।

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