जी करता है  कौशल कुमार जोशी "कृष्णा"


जी करता है

कौशल कुमार जोशी "कृष्णा"

ख़ुद अपने ख़्वाबों से चुरा लूँ तुझको, जी करता है,
छोड़ सब अपना बना लूँ तुझको, जी करता है।
बना कर ख़ूबसूरत सी कोई तस्वीर तेरी,
दीवार-ए दिल पे सज़ा लूँ तुझको, जी करता है।
 

आइनों पर नहीं ज़रा सा भी यक़ीन मुझे,
महफ़ूज़ परदों में छुपा लूँ तुझको, जी करता है।
 

और...
 

तेरे दामन की जो एक छोटी सी पनाह मिले,
अपनी पलकों पे बिठा लूँ तुझको, जी करता है।
 

अपने ख़्वाबों से चुरा लूँ तुझको, जी करता है,
छोड़ सब अपना बना लूँ तुझको, जी करता है।

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