मैं लिखता हूँ तो भूख मिट जाती है -पेट और आत्मा दोनों की।
मुर्दाघर
1722 1
मेरी दादी
1785 0
औरतें
1792 0
अभी तलक बाकी है
2031 0
तब मेरा गाँव मुझे याद आता है
2612 1
मिलना कभी उन गलियों में
1852 1
बेटी बचेगी, तो ही पढ़ेगी
1751 0
इस चाराग़री में सब होशियार हैं
1885 0
मुल्क ही अगर नहीं होगा
1896 0
कुछ सलीका खुदा को भी सीखना चाहिए
1866 1
बस आसमान को बाँटना बाकी है
1688 0
सच की लाश मिली
2001 0
आँखों में धुँआ क्या है
1828 1
जब मिलता हूँ आदतन मुस्कुरा देता हूँ
1819 0
ग़ज़ल का मक़सद और मौजूँ क्या है
1755 0
इश्क़ किया और आग से खेलता रहा
1728 0
शान्त उसका हुस्न-ए-बरहम ही कब था
1695 0
निगाहों का पर्दा कहाँ था
1868 0
जबसे मैं मेरा ही न रह गया
1620 0
कौम बातों से कैसे बहल जाएगा
1662 0
तेरे ख़्वाब लेके मैं आँखों में
1762 0
पसीने से तरबतर भोर है कैसा
1578 1
तू रसूक बनकर सबको फुसलाता क्या है
1781 0
थोड़ी रियायत भी देनी थी
1650 0
गर्दन भी रोज़ दबाता है
1759 0
गुनाह यहाँ रोज़ होता है
1601 0
चोरी-छिपे ही मोहब्बत निभाता रहा
1739 0
आज़ादी को भी नई आज़ादी चाहिए
1769 0
नहीं है आरज़ू कि फिर से बेटी बनूँ
1560 0
इस हसीन शहर में बसिए ज़रा
1827 0
ये दौर-ए-इम्तेहान है
1622 0
कभी हंगामा कभी जलसा होता रहा
1732 1
बदलते दौर में इज़्ज़तदारों का खानदान हूँ
1765 1
प्रेम-विरह
2043 0
आज का अखबार आ गया
1542 0
ऐ मेरे मन
1898 0
रातों को छत पे बुलाते क्यों रहे
1700 0
हम फिर तन्हा रह गए
1696 1
अपना वजूद
1642 1
उसकी आँखें
1635 0
चाक पे गढ़ी औरतें
वैश्या
2069 1
औरत होने का समीकरण
2149 1
अहसास विकलांग नहीं होते
1668 2
शिखर का सच
1697 1
जीवन और मृत्यु
1985 2
ठहरे हुए पानी में आग लगाना आता है
1776 1
इंसान होने के मायने
1612 1
मैं उजालों का ही शौकीन हूँ
1747 1
ये प्रकरण कहाँ से शुरू होता है
2131 1
किताब में कैद एक गुलाब
2120 2
बलात्कार से पहले और बलात्कार के बाद
2565 2
मेरी कविताओं का दर्द
2463 1
मैकदा और मीना अच्छा लगता है
1611 0
मुझे नयन कारे-कारे ला के दे दो
1508 1
इश्क़ कभी औरों के भरोसे किया है क्या
1565 0
खुद को तुझमें समाता चला गया
1804 1
रस्म की शुरुआत मेरे बाद कीजिए
1647 1
मुझे मत दिखा अभी ये चाँद सितारे
1728 1
वो जब से लौट आए से मेरे शहर में
1805 1
मुझको अफवाहों से डराता है क्या
1540 0
गर हो तुम्हारी इज़ाज़त
1529 0
औकात दिखाना आता है
2401 0
तू मेरा कल नहीं, तू मेरा आज नहीं
होता नहीं
1707 1
काजल करने के लिए ताज़ा खूँ चाहिए
1713 1
#मी टू, #ही फ़ॉर सी से कुछ बदलेगा नहीं
1554 2
यकीनन माली का बहा हुआ खूँ होगा
2206 1
इन लहजों ने कुछ तो छिपा रक्खा है
1980 2
गुमनाम आज़ादी
1514 1
इंसान सरहदों से कहीं बढ़कर है
1593 0
वो सुनता बहुत है तुम्हारी बातों को
1560 2
ज़ुबानें हो गईं गाली-गाली
1529 1
रिश्ते निभाने में बहुत वक़्त लगता है
1645 1
बच्चों को गिरने पड़ने भी दीजिए
1679 1
तू मिलना अब मुझसे तो
1658 1
क्या तुझे भी मुझ सा दीवाना याद आता है
1676 1
अगली पीढ़ी का बोझ कौन उठाएगा
1462 1
आप बेरुखी से खिखिलाते रहिए
1453 1
अफवाह
1458 1
मुझे मेरी मौत का फरिश्ता चाहिए
इंसानियत क्या है
वो सीने से लगकर यूँ रो दिए
1543 1
अपने तिरंगे में ही प्राण रखता हूँ
1704 1
माना वक़्त बुरा है तो मर जाएँ क्या
1567 0
तुम्हारी महफ़िल में और भी इंतज़ाम हैं
1457 0
वो हिन्दुस्तान हर घड़ी दिखाएँगे
1580 1
न जाने किनका ख्याल आ गया
1565 1
यहाँ अब जीना भी मुहाल है
1518 1
रोटी की जात नहीं पूछा करते
ये न पूछ कि वो मेरा क्या लगता है
1516 1
उसकी आँखों में कहीं गंगाजल रहता है
1537 1
मुक्त करो भगवन को आज!
1567 1
न जाने फ़िज़ाओं में क्या हुआ होगा
1531 1
अगर तेरा नूरानी हुस्न चुरा सकता मैं
1660 1
सब हादसे दिन में मुक़म्मल होते नहीं
1545 1
खूबियाँ साथ ले के चलो
1449 1
मेरी अच्छाई ही मुसीबत है मेरी
1549 1
सच को झूठ से और कितना बदलोगे
लक्ष्मी,दुर्गा और सरस्वती
1571 0
मोहर
1605 0
ज़िंदा दिखो भी
1526 0
यह संभव है
1517 0
ज़िन्दगी केवल ही शर्त नहीं
1741 0
मोहब्बत का शौक़ीन नया समाज नहीं
1418 1
ज़मीर में सलामत मुआमला रखिए
1503 1
अब मेरी समझ में आता है
1507 0
कौन मेरे गुनाहों पर पर्दा डाल देता है
1514 2
मेरा दिल मानो कि गुलाब सा खिल गया
अदाओं में बहार लेके चलते हैं
1580 2
जितना हो सके, आसमाँ छेकते रहिए
1401 1
कुछ कर सकते नहीं तो, मर जाते क्यूँ नहीं
1538 0
अभी आँखें बंद रहें तो ही सही
1376 1
दवा करो तो फिर दुआ भी करो (नज़्म)
1575 1
वो सवाल से डरता बहुत है
1464 2
अमूमन क्या होता है
1371 1
ये कैसी बेख़बरी है
1540 1
कितने वक़्त से जुबां से कोई बात निकाली ही नहीं
1358 1
रंग गोरा ही देते
1473 1
छोड़ आए
1234 1
सुनिए
1225 2
राजपथ की स्त्रियाँ
1685 1
परीक्षाएँ
1840 1
लड़कियाँ जब प्रेम पत्र लिखती हैं
1888 1
औरत
1196 1
खुद रंग
1288 1
अमूर्त
1250 1
विधवा
2016 2
मुझे भाषण जुमलों से भरपूर नज़र आते हैं
1266 1
खुदा से दुआ में हाथों का उठाना खत्म हुआ
अच्छे और बुरे सब बिक जाने लगे हैं
1390 1
किरदार
अपनी लाश उठाने की सोचता हूँ
1417 1
बुरा मत कहो
1484 1
वो बुढ़िया
1589 1
मुलाक़ात
1324 1
बारिश को अब बचा लो तुम
1347 1
तुम्हारे सिवा और आदत क्या है
1256 1
मत समझो कि ये घना कोहरा है
1249 0
इश्क़ ने ये कमाल किया
1189 0
खुदाई से मेरा कोई सरोकार नहीं है
1242 1
यूँ ही कातिल के हाथ में खंज़र नहीं आता
1160 0
जीत जाने की बस इतनी सी शर्त है
1246 0
यह सदी की सबसे नायाब बीमारी है
1167 0
दर्द बहता रहे तो अच्छा है
1246 1
जवान होती लड़कियाँ
कैसे हैं खेत, कैसा है कुआँ का पानी कहो
1375 1
लाचारी
1278 1
सामान्य
1496 1
गाँव और बरगद
1650 1
प्राण-प्रिय
2248 1
भय
1328 1
खर-पतवार
1150 1
बूँदें
1121 1
तुम्हारा होना
1109 1
मैं और मेरी कविता
783 1
सभ्यता की स्थापना
830 1
निमित्त प्रेम
874 1
आज फिर एक बुद्ध की तलाश है
746 1
कोई तो
709 1
आईना
657 0
तुम ही तुम
674 0