मैं लिखता हूँ तो भूख मिट जाती है -पेट और आत्मा दोनों की।
मुर्दाघर
1606 1
मेरी दादी
1701 0
औरतें
1697 0
अभी तलक बाकी है
1921 0
तब मेरा गाँव मुझे याद आता है
2484 1
मिलना कभी उन गलियों में
1740 1
बेटी बचेगी, तो ही पढ़ेगी
1652 0
इस चाराग़री में सब होशियार हैं
1781 0
मुल्क ही अगर नहीं होगा
1773 0
कुछ सलीका खुदा को भी सीखना चाहिए
1766 1
बस आसमान को बाँटना बाकी है
1603 0
सच की लाश मिली
1827 0
आँखों में धुँआ क्या है
1679 1
जब मिलता हूँ आदतन मुस्कुरा देता हूँ
1725 0
ग़ज़ल का मक़सद और मौजूँ क्या है
1597 0
इश्क़ किया और आग से खेलता रहा
1629 0
शान्त उसका हुस्न-ए-बरहम ही कब था
1604 0
निगाहों का पर्दा कहाँ था
1757 0
जबसे मैं मेरा ही न रह गया
1518 0
कौम बातों से कैसे बहल जाएगा
1556 0
तेरे ख़्वाब लेके मैं आँखों में
1671 0
पसीने से तरबतर भोर है कैसा
1481 1
तू रसूक बनकर सबको फुसलाता क्या है
1685 0
थोड़ी रियायत भी देनी थी
1541 0
गर्दन भी रोज़ दबाता है
1623 0
गुनाह यहाँ रोज़ होता है
1495 0
चोरी-छिपे ही मोहब्बत निभाता रहा
1648 0
आज़ादी को भी नई आज़ादी चाहिए
1675 0
नहीं है आरज़ू कि फिर से बेटी बनूँ
1463 0
इस हसीन शहर में बसिए ज़रा
1721 0
ये दौर-ए-इम्तेहान है
1532 0
कभी हंगामा कभी जलसा होता रहा
1607 1
बदलते दौर में इज़्ज़तदारों का खानदान हूँ
1622 1
प्रेम-विरह
1875 0
आज का अखबार आ गया
1452 0
ऐ मेरे मन
1807 0
रातों को छत पे बुलाते क्यों रहे
1600 0
हम फिर तन्हा रह गए
अपना वजूद
1549 1
उसकी आँखें
1522 0
चाक पे गढ़ी औरतें
वैश्या
1945 1
औरत होने का समीकरण
2042 1
अहसास विकलांग नहीं होते
1578 2
शिखर का सच
1582 1
जीवन और मृत्यु
1870 2
ठहरे हुए पानी में आग लगाना आता है
इंसान होने के मायने
1520 1
मैं उजालों का ही शौकीन हूँ
1649 1
ये प्रकरण कहाँ से शुरू होता है
2034 1
किताब में कैद एक गुलाब
2014 2
बलात्कार से पहले और बलात्कार के बाद
2435 2
मेरी कविताओं का दर्द
2366 1
मैकदा और मीना अच्छा लगता है
1503 0
मुझे नयन कारे-कारे ला के दे दो
1418 1
इश्क़ कभी औरों के भरोसे किया है क्या
खुद को तुझमें समाता चला गया
1710 1
रस्म की शुरुआत मेरे बाद कीजिए
1518 1
मुझे मत दिखा अभी ये चाँद सितारे
1620 1
वो जब से लौट आए से मेरे शहर में
1683 1
मुझको अफवाहों से डराता है क्या
1441 0
गर हो तुम्हारी इज़ाज़त
1434 0
औकात दिखाना आता है
2274 0
तू मेरा कल नहीं, तू मेरा आज नहीं
1456 0
होता नहीं
काजल करने के लिए ताज़ा खूँ चाहिए
#मी टू, #ही फ़ॉर सी से कुछ बदलेगा नहीं
1430 2
यकीनन माली का बहा हुआ खूँ होगा
2116 1
इन लहजों ने कुछ तो छिपा रक्खा है
1848 2
गुमनाम आज़ादी
1414 1
इंसान सरहदों से कहीं बढ़कर है
1491 0
वो सुनता बहुत है तुम्हारी बातों को
1467 2
ज़ुबानें हो गईं गाली-गाली
1431 1
रिश्ते निभाने में बहुत वक़्त लगता है
1488 1
बच्चों को गिरने पड़ने भी दीजिए
1577 1
तू मिलना अब मुझसे तो
1562 1
क्या तुझे भी मुझ सा दीवाना याद आता है
1566 1
अगली पीढ़ी का बोझ कौन उठाएगा
1375 1
आप बेरुखी से खिखिलाते रहिए
1354 1
अफवाह
1360 1
मुझे मेरी मौत का फरिश्ता चाहिए
1535 1
इंसानियत क्या है
1636 1
वो सीने से लगकर यूँ रो दिए
1446 1
अपने तिरंगे में ही प्राण रखता हूँ
माना वक़्त बुरा है तो मर जाएँ क्या
1462 0
तुम्हारी महफ़िल में और भी इंतज़ाम हैं
1360 0
वो हिन्दुस्तान हर घड़ी दिखाएँगे
1468 1
न जाने किनका ख्याल आ गया
यहाँ अब जीना भी मुहाल है
1416 1
रोटी की जात नहीं पूछा करते
1555 1
ये न पूछ कि वो मेरा क्या लगता है
1413 1
उसकी आँखों में कहीं गंगाजल रहता है
1415 1
मुक्त करो भगवन को आज!
1456 1
न जाने फ़िज़ाओं में क्या हुआ होगा
1422 1
अगर तेरा नूरानी हुस्न चुरा सकता मैं
1533 1
सब हादसे दिन में मुक़म्मल होते नहीं
1445 1
खूबियाँ साथ ले के चलो
1349 1
मेरी अच्छाई ही मुसीबत है मेरी
1448 1
सच को झूठ से और कितना बदलोगे
1459 1
लक्ष्मी,दुर्गा और सरस्वती
1471 0
मोहर
1442 0
ज़िंदा दिखो भी
1415 0
यह संभव है
1418 0
ज़िन्दगी केवल ही शर्त नहीं
1637 0
मोहब्बत का शौक़ीन नया समाज नहीं
1322 1
ज़मीर में सलामत मुआमला रखिए
1402 1
अब मेरी समझ में आता है
1412 0
कौन मेरे गुनाहों पर पर्दा डाल देता है
1416 2
मेरा दिल मानो कि गुलाब सा खिल गया
1576 1
अदाओं में बहार लेके चलते हैं
1484 2
जितना हो सके, आसमाँ छेकते रहिए
1294 1
कुछ कर सकते नहीं तो, मर जाते क्यूँ नहीं
1439 0
अभी आँखें बंद रहें तो ही सही
1281 1
दवा करो तो फिर दुआ भी करो (नज़्म)
1469 1
वो सवाल से डरता बहुत है
1364 2
अमूमन क्या होता है
1269 1
ये कैसी बेख़बरी है
1411 1
कितने वक़्त से जुबां से कोई बात निकाली ही नहीं
1262 1
रंग गोरा ही देते
1380 1
छोड़ आए
1129 1
सुनिए
1130 2
राजपथ की स्त्रियाँ
1591 1
परीक्षाएँ
1747 1
लड़कियाँ जब प्रेम पत्र लिखती हैं
1796 1
औरत
1106 1
खुद रंग
1202 1
अमूर्त
1145 1
विधवा
1910 2
मुझे भाषण जुमलों से भरपूर नज़र आते हैं
1171 1
खुदा से दुआ में हाथों का उठाना खत्म हुआ
1259 1
अच्छे और बुरे सब बिक जाने लगे हैं
1271 1
किरदार
1092 1
अपनी लाश उठाने की सोचता हूँ
1319 1
बुरा मत कहो
1374 1
वो बुढ़िया
मुलाक़ात
1239 1
बारिश को अब बचा लो तुम
1253 1
तुम्हारे सिवा और आदत क्या है
1154 1
मत समझो कि ये घना कोहरा है
1158 0
इश्क़ ने ये कमाल किया
1091 0
खुदाई से मेरा कोई सरोकार नहीं है
1135 1
यूँ ही कातिल के हाथ में खंज़र नहीं आता
1059 0
जीत जाने की बस इतनी सी शर्त है
1101 0
यह सदी की सबसे नायाब बीमारी है
1056 0
दर्द बहता रहे तो अच्छा है
1146 1
जवान होती लड़कियाँ
1142 1
कैसे हैं खेत, कैसा है कुआँ का पानी कहो
1267 1
लाचारी
1190 1
सामान्य
1361 1
गाँव और बरगद
1525 1
प्राण-प्रिय
2121 1
भय
1209 1
खर-पतवार
1052 1
बूँदें
1017 1
तुम्हारा होना
1015 1
मैं और मेरी कविता
689 1
सभ्यता की स्थापना
722 1
निमित्त प्रेम
743 1
आज फिर एक बुद्ध की तलाश है
659 1
कोई तो
623 1
आईना
559 0
तुम ही तुम
571 0