मैं लिखता हूँ तो भूख मिट जाती है -पेट और आत्मा दोनों की।
मुर्दाघर
1571 1
मेरी दादी
1657 0
औरतें
1666 0
अभी तलक बाकी है
1868 0
तब मेरा गाँव मुझे याद आता है
2399 1
मिलना कभी उन गलियों में
1700 1
बेटी बचेगी, तो ही पढ़ेगी
1600 0
इस चाराग़री में सब होशियार हैं
1746 0
मुल्क ही अगर नहीं होगा
1725 0
कुछ सलीका खुदा को भी सीखना चाहिए
1731 1
बस आसमान को बाँटना बाकी है
1567 0
सच की लाश मिली
1776 0
आँखों में धुँआ क्या है
1624 1
जब मिलता हूँ आदतन मुस्कुरा देता हूँ
1680 0
ग़ज़ल का मक़सद और मौजूँ क्या है
1534 0
इश्क़ किया और आग से खेलता रहा
1597 0
शान्त उसका हुस्न-ए-बरहम ही कब था
1571 0
निगाहों का पर्दा कहाँ था
1723 0
जबसे मैं मेरा ही न रह गया
1485 0
कौम बातों से कैसे बहल जाएगा
1514 0
तेरे ख़्वाब लेके मैं आँखों में
1619 0
पसीने से तरबतर भोर है कैसा
1446 1
तू रसूक बनकर सबको फुसलाता क्या है
1655 0
थोड़ी रियायत भी देनी थी
1506 0
गर्दन भी रोज़ दबाता है
1572 0
गुनाह यहाँ रोज़ होता है
1458 0
चोरी-छिपे ही मोहब्बत निभाता रहा
1620 0
आज़ादी को भी नई आज़ादी चाहिए
1643 0
नहीं है आरज़ू कि फिर से बेटी बनूँ
1429 0
इस हसीन शहर में बसिए ज़रा
1687 0
ये दौर-ए-इम्तेहान है
1477 0
कभी हंगामा कभी जलसा होता रहा
1556 1
बदलते दौर में इज़्ज़तदारों का खानदान हूँ
1572 1
प्रेम-विरह
1714 0
आज का अखबार आ गया
1421 0
ऐ मेरे मन
1757 0
रातों को छत पे बुलाते क्यों रहे
1564 0
हम फिर तन्हा रह गए
1567 1
अपना वजूद
1519 1
उसकी आँखें
1492 0
चाक पे गढ़ी औरतें
1730 1
वैश्या
1909 1
औरत होने का समीकरण
2005 1
अहसास विकलांग नहीं होते
1538 2
शिखर का सच
1551 1
जीवन और मृत्यु
1832 2
ठहरे हुए पानी में आग लगाना आता है
1642 1
इंसान होने के मायने
1486 1
मैं उजालों का ही शौकीन हूँ
1604 1
ये प्रकरण कहाँ से शुरू होता है
2001 1
किताब में कैद एक गुलाब
1976 2
बलात्कार से पहले और बलात्कार के बाद
2385 2
मेरी कविताओं का दर्द
2335 1
मैकदा और मीना अच्छा लगता है
1470 0
मुझे नयन कारे-कारे ला के दे दो
1384 1
इश्क़ कभी औरों के भरोसे किया है क्या
खुद को तुझमें समाता चला गया
1677 1
रस्म की शुरुआत मेरे बाद कीजिए
1462 1
मुझे मत दिखा अभी ये चाँद सितारे
1574 1
वो जब से लौट आए से मेरे शहर में
1620 1
मुझको अफवाहों से डराता है क्या
1409 0
गर हो तुम्हारी इज़ाज़त
1400 0
औकात दिखाना आता है
2199 0
तू मेरा कल नहीं, तू मेरा आज नहीं
1427 0
होता नहीं
1573 1
काजल करने के लिए ताज़ा खूँ चाहिए
1582 1
#मी टू, #ही फ़ॉर सी से कुछ बदलेगा नहीं
1380 2
यकीनन माली का बहा हुआ खूँ होगा
2077 1
इन लहजों ने कुछ तो छिपा रक्खा है
1796 2
गुमनाम आज़ादी
1377 1
इंसान सरहदों से कहीं बढ़कर है
1459 0
वो सुनता बहुत है तुम्हारी बातों को
1426 2
ज़ुबानें हो गईं गाली-गाली
1400 1
रिश्ते निभाने में बहुत वक़्त लगता है
1441 1
बच्चों को गिरने पड़ने भी दीजिए
1544 1
तू मिलना अब मुझसे तो
1533 1
क्या तुझे भी मुझ सा दीवाना याद आता है
1536 1
अगली पीढ़ी का बोझ कौन उठाएगा
1339 1
आप बेरुखी से खिखिलाते रहिए
1321 1
अफवाह
1335 1
मुझे मेरी मौत का फरिश्ता चाहिए
1483 1
इंसानियत क्या है
1606 1
वो सीने से लगकर यूँ रो दिए
1412 1
अपने तिरंगे में ही प्राण रखता हूँ
1478 1
माना वक़्त बुरा है तो मर जाएँ क्या
1419 0
तुम्हारी महफ़िल में और भी इंतज़ाम हैं
1325 0
वो हिन्दुस्तान हर घड़ी दिखाएँगे
1434 1
न जाने किनका ख्याल आ गया
1383 1
यहाँ अब जीना भी मुहाल है
1375 1
रोटी की जात नहीं पूछा करते
ये न पूछ कि वो मेरा क्या लगता है
1381 1
उसकी आँखों में कहीं गंगाजल रहता है
मुक्त करो भगवन को आज!
1422 1
न जाने फ़िज़ाओं में क्या हुआ होगा
1395 1
अगर तेरा नूरानी हुस्न चुरा सकता मैं
1473 1
सब हादसे दिन में मुक़म्मल होते नहीं
1418 1
खूबियाँ साथ ले के चलो
1318 1
मेरी अच्छाई ही मुसीबत है मेरी
1417 1
सच को झूठ से और कितना बदलोगे
1430 1
लक्ष्मी,दुर्गा और सरस्वती
1441 0
मोहर
1397 0
ज़िंदा दिखो भी
1375 0
यह संभव है
1382 0
ज़िन्दगी केवल ही शर्त नहीं
मोहब्बत का शौक़ीन नया समाज नहीं
1289 1
ज़मीर में सलामत मुआमला रखिए
1370 1
अब मेरी समझ में आता है
1381 0
कौन मेरे गुनाहों पर पर्दा डाल देता है
1383 2
मेरा दिल मानो कि गुलाब सा खिल गया
1502 1
अदाओं में बहार लेके चलते हैं
1447 2
जितना हो सके, आसमाँ छेकते रहिए
1262 1
कुछ कर सकते नहीं तो, मर जाते क्यूँ नहीं
1403 0
अभी आँखें बंद रहें तो ही सही
1242 1
दवा करो तो फिर दुआ भी करो (नज़्म)
1436 1
वो सवाल से डरता बहुत है
1327 2
अमूमन क्या होता है
1232 1
ये कैसी बेख़बरी है
1357 1
कितने वक़्त से जुबां से कोई बात निकाली ही नहीं
1230 1
रंग गोरा ही देते
1350 1
छोड़ आए
1093 1
सुनिए
1095 2
राजपथ की स्त्रियाँ
1557 1
परीक्षाएँ
1712 1
लड़कियाँ जब प्रेम पत्र लिखती हैं
1755 1
औरत
1062 1
खुद रंग
1160 1
अमूर्त
1112 1
विधवा
1840 2
मुझे भाषण जुमलों से भरपूर नज़र आते हैं
1131 1
खुदा से दुआ में हाथों का उठाना खत्म हुआ
1220 1
अच्छे और बुरे सब बिक जाने लगे हैं
1217 1
किरदार
1041 1
अपनी लाश उठाने की सोचता हूँ
1282 1
बुरा मत कहो
1330 1
वो बुढ़िया
मुलाक़ात
1199 1
बारिश को अब बचा लो तुम
तुम्हारे सिवा और आदत क्या है
1119 1
मत समझो कि ये घना कोहरा है
1126 0
इश्क़ ने ये कमाल किया
1052 0
खुदाई से मेरा कोई सरोकार नहीं है
1096 1
यूँ ही कातिल के हाथ में खंज़र नहीं आता
1026 0
जीत जाने की बस इतनी सी शर्त है
1045 0
यह सदी की सबसे नायाब बीमारी है
1008 0
दर्द बहता रहे तो अच्छा है
1116 1
जवान होती लड़कियाँ
1097 1
कैसे हैं खेत, कैसा है कुआँ का पानी कहो
1228 1
लाचारी
1152 1
सामान्य
1310 1
गाँव और बरगद
1450 1
प्राण-प्रिय
2044 1
भय
1172 1
खर-पतवार
1023 1
बूँदें
981 1
तुम्हारा होना
971 1
मैं और मेरी कविता
655 1
सभ्यता की स्थापना
690 1
निमित्त प्रेम
693 1
आज फिर एक बुद्ध की तलाश है
626 1
कोई तो
591 1
आईना
533 0
तुम ही तुम
537 0